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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने राजमार्ग यात्रा के लिए फास्टटैग वार्षिक पास की शुरुआत की है। यह वार्षिक पास देशभर में बार-बार यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुविधाजनक है।
फास्टटैग एक ऐसा उपकरण है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग करके इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान करने के लिए इस्तेमाल होता है। फास्टटैग स्टिकर में एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन चिप (RFIC) लगी होती है, जिसमें वाहन की पहचान के लिए एक अद्वितीय 13-अंकों का इलेक्ट्रॉनिक कोड होता है।
यह स्टिकर वाहन के फ्रंट विंडस्क्रीन (सामने की कांच) पर चिपकाया जाता है। जब कोई फास्टटैग स्टिकर लगा वाहन टोल प्लाज़ा के पास पहुंचता है, तो प्लाज़ा पर लगा RFID रीडर उस स्टिकर की RFIC चिप को स्कैन करता है और उससे जुड़े सेविंग्स अकाउंट या प्रीपेड वॉलेट से टोल शुल्क अपने आप कट जाता है।
भारत सरकार ने 1 जनवरी 2021 से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टटैग को अनिवार्य कर दिया है। यदि किसी निजी वाहन में फास्टटैग नहीं है, तो उसे दोगुना टोल टैक्स देना होगा।
18 जून 2025 को, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने फास्टटैग पर आधारित एक वार्षिक पास की घोषणा की। यह पास सिर्फ निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए बनाया गया है, जैसे वैन, कार और जीप। लेकिन यह पास व्यवसायिक (कमर्शियल) वाहनों को नहीं दिया जाएगा।
निजी वाहन मालिक ₹3,000 में फास्टटैग वार्षिक पास ले सकते हैं। यह पास एक्टिव होने की तारीख से 1 साल तक या साल में 200 बार टोल पार करने तक (जो पहले हो) वैध रहेगा। यह पास यात्रियों को पूरे साल राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर बिना किसी रुकावट के आरामदायक सफर की सुविधा देगा।
इस पास का मकसद है कि वाहन मालिकों को बिना रुकावट, सस्ती और आसान यात्रा मिले। इससे बार-बार फास्टटैग रिचार्ज करने की ज़रूरत नहीं होगी और पूरे देश में सफर का अनुभव और बेहतर होगा।
इस नई नीति में राजमार्ग इस्तेमाल के लिए दो तरह के भुगतान विकल्प दिए गए हैं:
वाहन मालिकों के पास फास्टटैग होना अनिवार्य है, तभी वे फास्टटैग वार्षिक पास के लिए आवेदन कर सकते हैं और उसे सक्रिय करवा सकते हैं। यह पास सीधे उनके मौजूदा फास्टटैग से लिंक किया जाएगा और सक्रिय होगा।
इसलिए, जिन वाहन मालिकों के पास पहले से फास्टटैग खाता नहीं है, वे इस वार्षिक पास के लिए आवेदन नहीं कर सकते।
इसके अलावा, फास्टटैग वार्षिक पास को सक्रिय करने के लिए, वाहन को कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। इनमें शामिल हैं: वाहन की सामने की विंडशील्ड पर सही तरीके से फास्टटैग चिपका होना चाहिए,
फास्टटैग सक्रिय (Active) होना चाहिए, फास्टटैग एक वैध वाहन पंजीकरण संख्या (Vehicle Registration Number) से जुड़ा होना चाहिए, फास्टटैग ब्लैकलिस्टेड नहीं होना चाहिए, और अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी होनी चाहिए।
फास्टटैग वार्षिक पास एक प्रीपेड पास होगा, जिसकी कीमत ₹3,000 है। टोल की शुल्क मौजूदा फास्टटैग से ही प्रबंधित होगी। फास्टटैग उपयोगकर्ता राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे (जो NHAI द्वारा संचालित हैं) पर आराम से सफर कर सकते हैं, उन्हें हर बार टोल शुल्क की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। यह सुविधा 1 साल या 200 यात्राओं तक (जो पहले हो) उपलब्ध रहेगी। जब इस पास की वैधता खत्म हो जाएगी, तो आप इसे फिर से ₹3,000 देकर रिचार्ज कर सकते हैं, जैसे अभी फास्टटैग को रीचार्ज करते हैं।
फास्टटैग वार्षिक पास में, अगर कोई टोल प्लाज़ा बंद प्रणाली (Closed-Loop System) पर यात्रा करता है, जहाँ एंट्री और एग्जिट दोनों रिकॉर्ड होती हैं, तो उस पूरे आने-जाने के सफर को सिर्फ एक क्रॉसिंग माना जाएगा।
इस नियम से यह सुनिश्चित होगा कि डबल चार्जिंग (दो बार टोल कटने) जैसी परेशानियाँ न हों और उपयोग का सही हिसाब रखा जा सके।
नया शुरू किया गया फास्टटैग वार्षिक पास ₹3,000 में मिलेगा। यह फिक्स कीमत खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अक्सर राजमार्ग पर सफर करते हैं और हर ट्रिप पर टोल चुकाते हैं। इससे उन्हें अच्छी बचत मिलेगी।
फास्टटैग वार्षिक पास को 15 अगस्त 2025 से लागू किया जाएगा।
जिन लोगों के पास पहले से फास्टटैग है, वे ही फास्टटैग वार्षिक टोल पास का उपयोग कर सकते हैं। यह पास सिर्फ निजी, गैर-व्यावसायिक वाहनों जैसे कार, जीप और वैन के लिए मान्य है। कमर्शियल वाहन जैसे बस, ट्रक और टैक्सी केलिए पात्र नहीं हैं, वे इस पास के लिए आवेदन नहीं कर सकते। जो लोग अक्सर शहरों के बीच यात्रा करते हैं या अपने गांव या घर बार-बार आते-जाते हैं, उनके लिए यह पास बहुत फायदेमंद होगा।
सरकार ने अभी तक फास्टटैग वार्षिक पास के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की है। यह सुविधा जल्द ही राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) और NHAI व MoRTH की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार फास्टटैग वार्षिक पास को सक्रिय (activate) और नवीकरण (renew) करने के लिए एक विशेष लिंक शुरू करेगी। यह लिंक राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) और NHAI व MoRTH की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से वाहन मालिक आसानी से फास्टटैग वार्षिक पास को सक्रिय कर सकेंगे या उसकी वैधता समाप्त होने पर दोबारा नवीकरण कर पाएंगे।
सरकार ने फास्टटैग वार्षिक पास शुरू किया है, जिसकी कीमत ₹3,000 है। यह पास यात्रियों को टोल भुगतान आसानी से करने की सुविधा देता है। यह पास 200 ट्रिप या 1 साल (जो पहले पूरा हो) तक वैध रहेगा। इससे यात्रा तेज़ होगी और टोल प्लाज़ा पर लगने वाला जाम भी कम होगा।